मातृ दिवस

पैसे से सब मिल जाता है, पर वो स्पर्श नहीं मिलता,
थके हुए माथे को फिर वैसा हर्ष नहीं मिलता।
दुनिया भर की भीड़ में सब रिश्ते शर्तों वाले हैं,
मां ही बस वो रिश्ता है, जिसके हम मतवाले हैं।

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