कोरोना काल में शिक्षा के माध्यम से मानवीय जीवन के पक्षों को जानने और उनके विकास की अभिलाषा
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
कोई बात बने
कोई बात बने मेरे लिखने से क्या, जो तुम ना पढ़ो, तुम पढ़ लो जरा तो कोई बात बने। मेरे सोचने से क्या, जो तुम ना समझो, तुम समझ ल...
-
दोहावली हरे चरहिं तपही बरे जरत फरे पसारहिं हाथ | तुलसी स्वारथ मीत सब परमार्थ रघुनाथ || 1 भावार्थ:- अर्थात तुलसीदास जी ने कहा है कि जब घोर ...
-
प्रश्न-पत्र में संस्कृत के पाठों (गद्य व पद्य) से दो गद्य और व श्लोक दिए जाते हैं, जिसमें से एक गद्य पाठ व एक श्लोक का सन्दर्भ सहित हिंदी मे...
-
प्रशिक्षित स्नातक विषय- कला /L T Art हेतु पठनीय पुस्तकें 1 - भारतीय कला और कलाकार - लेखक कुमारिल स्वामी 2 - भारतीय चित्रकला का ...