कोई बात बने

कोई बात बने मेरे लिखने से क्या, जो तुम ना पढ़ो,   तुम पढ़ लो जरा तो कोई बात बने। मेरे सोचने से क्या, जो तुम ना समझो,   तुम समझ ल...