आप प्रेम हो, प्रीत हो, मनमीत हो हमारे,
सूने समरस जीवन में संगीत हो हमारे।
धड़कन-धड़कन में बसा नाम है आपका,
श्वास-श्वास की सरगम में गीत हो हमारे।
थक कर जब निगाहें राहों में खो जाएं,
आप ही जीत हो, आप ही हार हो हमारे।
अंधियारों में बनकर उजाला आप आए हो,
प्रत्येक नव प्रभात का त्योहार हो हमारे।
मन के मरुस्थल में बन फूल आप महको,
सपनों की डाली पर सँजे ख्वाब हो हमारे।
एहसासों से जीवन को सजा दिया तुमने,
आप बिन सूने थे सब किस्से-प्यार के हमारे।
साथ हो तो लगता हर पीड़ा मधुर है,
आप बिन अधूरी हर इक रीत हो हमारी।
आपसे ही भरते हैं हर घाव हमारे,
आप ही मन भाव और संसार हो हमारे।
दूर जाओ तो विरह भी रीत सिखाए,
आप बिन हर पल लगता अतीत हो हमारे।
लौट आओ तो खुशबू से भर जाए जग,
शून्य में आप ही चांद और तारे हो हमारे।
आप प्रेम हो, प्रीत हो, मनमीत हो हमारे,
इस जन्म नहीं, हर जन्म मीत हो हमारे।
रहना यूं ही हरदम इस दिल के पास आप,
जीवन की हर डगर में आधार हो हमारे।
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